Mahamesh Yojana 2025 का परिचय
महामेश योजना (Mahamesh Yojana 2025) महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य भेड़ पालन को प्रोत्साहित करना है। भेड़ पालन, जो पारंपरिक रूप से कृषि और पशुपालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, आजकल विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहा है। इसके मुख्य कारणों में भेड़ों की घटती संख्या, बढ़ती लागत, और असंगठित प्रबंधन शामिल हैं।
महामेश योजना का उद्देश्य इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करना और भेड़ पालन के साथ जुड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। इस योजना के तहत, सरकार भेड़पालकों को अनुदान, सब्सिडी और अन्य सहायता प्रदान करती है ताकि वे भेड़ पालन को एकस्थिर और लाभकारी व्यवसाय बना सकें। यह योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है जहाँ भेड़ पालन पारंपरिक आजीविका का हिस्सा है और आर्थिक विकास की संभावनाएँ हैं।
Mahamesh Yojana 2025 लाभार्थी जिले
वर्ष 2024-25 के लिए महामेश योजना के लाभार्थी जिलों में यवतमाल, हिंगोली, गढ़चिरौली, नागपुर, अकोला, वाशिम, वर्धा, भंडारा, पालघर, ठाणे, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगढ़ और गोंदिया शामिल हैं। ये जिले महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं और भेड़ पालन के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। इस योजना के तहत इन जिलों में भेड़ पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
Mahamesh Yojana 2025 संक्षिप्त जानकारी
योजना का नाम | Mahamesh Yojana 2025 |
किसने शुरू की | महाराष्ट्र सरकार |
उदेश्य | भेड़ पालन को प्रोत्साहित करना |
सब्सिडी | चारे पर 75% सब्सिडी और चारा मशीनरी पर 50% सब्सिडी |
अधिकारिक वेबसाइट | https://www.mahabms.com/ |
Mahamesh Yojana 2025 के लाभ
महामेश योजना के तहत विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं, जो भेड़ पालन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद करेंगे। यहाँ पर इस योजना के प्रमुख लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई है
1. भेड़ पालन के लिए अनुदान:
– स्थायी भेड़ पालन के लिए 20 भेड़ और 1 चरवाहे के झुंड का 75% अनुदान प्रदान किया जाएगा।
– प्रवासी भेड़ पालन के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ 20 भेड़ और 1 भेड़ झुंड का 75% अनुदान प्राप्त किया जा सकेगा।
2. उन्नत नस्ल की भेड़ों का अनुदान:
– जिनके पास 20 से 40 भेड़ें हैं, उन्हें 1 नर भेड़ का 75% अनुदान मिलेगा।
– जिनके पास 40 से 60 भेड़ें हैं, उन्हें 2 नर भेड़ों का 75% अनुदान मिलेगा।
– जिनके पास 60 से 80 भेड़ें हैं, उन्हें 3 नर भेड़ों का 75% अनुदान मिलेगा।
– जिनके पास 80 से 100 भेड़ें हैं, उन्हें 4 नर भेड़ों का 75% अनुदान मिलेगा।
– जिनके पास 100 या अधिक भेड़ें हैं, उन्हें 5 नर भेड़ों का 75% अनुदान मिलेगा।
3. संतुलित चारा:
– स्थायी भेड़ पालन के लिए प्रति भेड़ प्रति दिन 100 ग्राम संतुलित चारा पर 75% सब्सिडी (अप्रैल से जुलाई तक 4 महीने की अवधि के लिए)।
– प्रवासी भेड़ पालन के लिए प्रति भेड़ प्रति दिन 100 ग्राम संतुलित चारा पर 75% सब्सिडी (जून से जुलाई तक 2 महीने की अवधि के लिए)।
4. चारा मशीनरी:
– कुचले हुए हरे चारे की बेलिंग के लिए मिनी सेलेज बेलर सह रैपर की खरीद पर 50% अनुदान।
– पशु आहार कारखाने स्थापित करने के लिए 50% अनुदान।
Mahamesh Yojana 2025 आवश्यक दस्तावेज
महामेश योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ आवश्यक हैं
1. जाति प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त।
2. आधार कार्ड: पहचान के लिए।
3. राशन कार्ड: निवास का प्रमाण।
4. बैंक पासबुक: बैंक खाता विवरण।
5. पशु चिकित्सालय से प्रमाण पत्र: भेड़ पालन की विधि के संबंध में।
6. शपथ पत्र: योजना के अनुसार।
7. बाल स्व-घोषणा पत्र: नमूना संख्या 2 के अनुसार।
8. जमीन के स्वामित्व का प्रमाण पत्र: यदि उपलब्ध हो तो 7/12 प्रतिलेख।
9. उर्वरक उत्पादन के लिए भूमि प्रमाण: न्यूनतम 1 एकड़।
10. कृषि भूमि का सहमति पत्र: यदि परिवार के नाम पर कोई जमीन नहीं है।
Mahamesh Yojana 2025 पात्रता मानदंड
राजे यशवंतराव होलकर महामेश योजना का लाभ केवल महाराष्ट्र राज्य के नागरिकों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, निम्नलिखित पात्रता मानदंड हैं:
1. जनजातीय घुमंतू श्रेणी: केवल इस श्रेणी के नागरिकों को लाभ मिलेगा।
2. आयु सीमा: लाभार्थी की आयु 18 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3. आधार लिंक: लाभार्थी के बैंक खाते से आधार कार्ड लिंक होना अनिवार्य है।
4. परिवार सीमा: एक परिवार के एक ही सदस्य को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
5. सरकारी नौकरी: यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा
Mahamesh Yojana 2025 के तहत अपात्रता मानदंड
1. भटकी जातियों, कप्रवर जातियों, धनगर और समान जातियों के सदस्य इस योजना के अंतर्गत नहीं आते। अन्य सामान्य जातियों के लोग पात्र नहीं होंगे।
2. मुंबई और उसके उपनगरों के निवासी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
3. इस योजना के तहत 18 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग पात्र नहीं होंगे।
4. एक परिवार के एक से अधिक सदस्य इस योजना के लाभार्थी नहीं हो सकते।
5. जिनके परिवार या परिवार के सदस्य सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में कार्यरत हैं या पेंशन प्राप्त करते हैं, वे Mahamesh Yojana के लिए पात्र नहीं होंगे।
6. जिन लाभार्थियों ने पहले राजे यशवंतराव होलकर महामेध योजना के तहत लाभ प्राप्त किया है, वे पुनः इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते। हालांकि, वे अन्य तीन योजनाओं के लिए पात्र होंगे।
7. जिनके पास स्वामालिकी की रजिस्टर्ड भूमि नहीं है, वे Mahamesh Yojana 2025 के घटक क्रमांक 1, 8, 10 और 15 के तहत पात्र नहीं होंगे।
8. जिनके पास 20 से कम भेड़ें हैं, वे भेड़ के लिए चराई और दान योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं होंगे।
9. जिन भेड़पालक परिवारों के पास महाराष्ट्र राज्य में कोई संपत्ति या जमीन है, वे बकरी-भेड़ पालन के लिए खरीदारी और दान योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
10. राज्य के महानगरपालिका, नगरपालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत क्षेत्रों के निवासी कुक्कुट पक्षियों की खरीदारी और संवर्धन के लिए योजना के तहत पात्र नहीं होंगे।
Mahamesh Yojana 2025 आवेदन प्रक्रिया
महामेश योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:




1. वेबसाइट पर जाएं: महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक महामेश योजना वेबसाइट पर जाएं।
2. अर्जासाठी नोंदणी करा: इस विकल्प पर क्लिक करें।
3. नवीन आर्जदार नोंदणी : नए पृष्ठ पर पुनर्निर्देशित होने के बाद,नवीन आर्जदार नोंदणी पर क्लिक करें।
4. आवेदन फॉर्म भरें: व्यक्तिगत जानकारी का चयन करें और आवेदन फॉर्म भरें।
5. सबमिट: सभी जानकारी सही से भरने के बाद, सबमिट बटन पर क्लिक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. महामेश योजना से कौन लाभान्वित हो सकता है?
– स्थायी और अस्थायी चरवाहों सहित सभी नए और अनुभवी भेड़पालक इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं।
2. Mahamesh Yojana 2025 के अंतर्गत कितनी सब्सिडी प्रदान की जाती है?
– चारे पर 75% सब्सिडी और चारा मशीनरी पर 50% सब्सिडी प्रदान की जाती है।
3. क्या Mahamesh Yojana 2025 के अंतर्गत भेड़ों का निःशुल्क आवंटन किया जाता है?
– हां, पात्र किसानों को 20 भेड़ें और एक नर भेड़ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
4. महामेश योजना के लिए आवेदन करने हेतु कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
– पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण, पशुपालन अधिकारी से प्रमाण पत्र और भूमि स्वामित्व के दस्तावेज़ आवश्यक होंगे।
NOTE : राजे यशवंतराव होलकर महामेश योजना भेड़ पालन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत दिए जाने वाले लाभ भेड़पालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं और उनके व्यवसाय को स्थिर बनाते हैं।
यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो ऊपर दिए गए विवरण और प्रक्रियाओं का पालन करें और समय पर आवेदन करें। इससे न केवल आपकी भेड़ पालन की गतिविधियाँ सुदृढ़ होंगी बल्कि आप ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस योजना की सहायता से, आप अपने भेड़ पालन व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकते हैं।